INVISIBLE FEELINGS
INVISIBLE FEELINGS ●कहते है भगवान नें अपनें हिसाब से जिसको जैसा बनाया है वो उसी रूप मे अपने आप मे बेहतर है । मेरे अंदर भी ईश्वर ने इनबिल्ट फीचर दिया है कि मै बचपन से ही अपने आप मे मदमस्त रहता हुँ, एक बार मै अपने पापा के साथ गोरखपुर किसी काम से जा रहा था और वो रास्ता गोरखपुर विश्वविद्यालय के रास्ते से होकर जा रहा था , मै स्टेशन से पापा के साथ-साथ चलते- चलते युनिवर्सिटी के पास वाले रास्ते से पीछे- पीछे चलने लगा और आस पास की अधिकारिक आवासों एवं पेङ -पौधो को देखने लगा , तभी अचानक पापा कि आवाज आई कि" क्यु पीछे इधर-उधर ताकते फिरते चल रहे हो" ! मै उस कुछ ही दुरी कि रास्ते मे इतना घुल गया था कि साथ - साथ चलते -चलते फिर पीछे हो गया , अर्थात कहने का आशय यह है कि मै अपन...